गुरुवार, 22 दिसंबर 2016

Love story two anjan rAhi pyar ke

नमस्कार
मे आज उस कहानी को बया करने जा रहा हु जो मे ibps  का पेपर देने जा रहा था ओर कैसे एक लड़की मुझ से प्यार कर बेठी.बात उस समय की है की मेरा पेपर था मुझे जयपुर जाना था !मुझे सुबह की बस से जाना था तो मे बस स्टोप पर सुबह 4बजे ही पहुच गया बस का ईनतजार कर रहा था! बस आ गई मे उस मे बेठ गया ! मेरी तेयारी तो ठीक थी पर एक करट जीके की बुक मे अपने साथ लाया था की सफर लबा तो टाईम पास हो जायेगा !मे उस बुक को पढने लगा ! रात को सफर की तैयारी करने लगा होने के कारन मुझे घर पर ठिक से निद नही ले पाया था तो मुझे कुछआलस सा आने लगा  ! मे बुक को हाथ मे निचे लटकाकर थोडी सी आँख बन्द की थी! बस अगले स्टोप रूकने के कारन मेरी बुक झटके से सिट की साइड मे गीर गयी मुझे तो कुछ पता न था! पर मे पिछे की सिट पर एक लड़की बैठी थी ! उसने बुक को उठा लिया! मुझे बुक हाथ मे थमातो हुए कहा सर आपकी बुक सयोग से वो भी पेपर देने के लिये हि जा रही थी! उसने बोला आप पेपर देन जा रहे हो क्या मेने हॉ मे सिर हीला दीया तो दोस्तो अब सुरु होता है बातो का सिलसला! उसने कहा आप गॉव से हो या शहर से मेने बोला गॉव से हु ! उसने मस्का मारते हुए कहॉ लगते तो नही! बस मे सवारी थोड़ी कम थी तो सिटे खाली सि थी इके दुके आदमी थे सिटो पर मेरे बगल कि सिट भी खाली थी ! मेरे पास आकर वो मेरी बगल कि सीट पर बेठ गयी हम इघर-उघर की बाते करने लगे!तो दोस्तो वो मुझे बातो ही बातो मे न जाने क्यो अपना दिल दे बैठी मुझे ईसकी खबर तक नही थी ! मे प्यार के मामले मे थोडा कमजोर था सायद इस कारन मुझे कुछ पता न चल सका! निद के कारन मे सिर दर्द कर रहा था! उसने मुझे एक टेबलेट दी! उसने अपना नाम सवाती बताया ओर बोला की घर वाले उसे प्यार से सिवा बुलाते है!बातो हि बातो मे न जाने कब सफर खत्म हो गया पता ही नही चला उसने मेरे फोन नमर मागे तो मेने दे दीये!बस रूकने पर हम अपने पेपर सेन्टर चल दीये!जब पेपर खत्म हुआ तो मे अपना समान लेने बाहर गया जो एक दूकान पर रखा था!मेन अपने बेग से अपना फोन निकाला तो उस पर दो सदेस आये हुये थे सदेश को खोलकर पढा तो लिखा था"I miss you my jaan" आपकी सिवा
मे हेरान हो गया ओर सोचने लगा की मे कितना बुद्धु हु एक लड़की की दिल को नही पढ सका खैर कोई बात नही अब भी वक्त था!मेने कॉल किया सिवा को वो मेरे कॉल के इनतजार मे थी! उस ने कॉल को रीसिव किया वो कुछ नही बोल रही थी!मेने कहा तुम कहा हो सिवा उसने फोन कट कर दीया!कुछ टाईम बाद सदेश आया उस मे लिखा था मे आप के बिना नही सकती मे आप का इनतजार बस मे कर रही हू!तुम कहा हो? मे बस स्टोप पर चला गया!बस को चलने मे अभी टाईम था!मे कुछ खाने का समान लेकर बस मे गया तो सिवा पहले से मेरे इनतजार मे बस मे बेठी थी झट से आकर मुझसे लिपट गयी ओर रोने लगी!मेने काफी समझा-बुझाकर रोना बद करवाया! वो कहने लगी मे आपके बेगेर नही रह सकती जान!आप कितने नादान हो लड़की कि दिल की बात भी नही समझ पाते हो मुझे क्यो इतना तड़फा रहे हो मे मर जाउगी जान!मेने बोला मे इस मामले मे बिल कुल अनजान हू सिवा मेरे साथ पहली बार एसा हो रहा की मे कीस दुनीया मे था इतने दिन? वो मेरी बाहो मे थी हम सीट पर बेठ गये! सिवा मुझे बिच रास्ते पर तो नही छोड दोगे!मे बोला नही बस का किराया पुरा देकर आया हु एसे केसे बिच मे छोडेगे!वो मुझे मारते हुए बुद्धु मे उस सफर की बात नही करती!औ? नही सिवा बस आधा सफर तेय कर चुकी थी!हमे पता ही नही चला की बस कब चली थी हम अपनी बातो मे व्यस्थ थे! अब मेरा गॉव आने वाला था की वो रोने लगी!जान बिछड़ रहेे हो हम से न जाने कब मुलाकात होगी आप हमे बुला तो नही दोगे!मे मर जाउगी आपके बैगेर आप नही मिले तो!मेने कहा नही एसा नही होने दुगा!मे कोचीग के लिये आप के पास के शहर मे ही आ रहा हु
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comment karke btAye ki aapko ye love story kasi lagi